दोहे मान सम्मान के
सम्मानित जीवन जियो , करो सभी से प्रेम ।
बचायें अपनी आबरू , पूछ सभी की क्षेम ।।
मात-पिता के मान को , निशि दिन रहें बढ़ाय ।
परिवार रोशन करिये , नाम गगन को जाय ।।
अवगुण पास न लाइये , बढ़ें गुणों की खान ।
दुनिया सम्मानित करे , बने जगत पहचान ।।
मान गया आदर गया , गयी हमारी शान ।
मधुशाला मत जाइये , रहे न खुद का भान ।।
गर्व देश पर कीजिये , बढ़े हमारा मान ।
देश की रक्षा हम करें , हो जायें कुर्बान ।।
ओम प्रकाश भारती ओम्
बालाघाट मध्यप्रदेश