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7 May 2025 · 1 min read

जय हिन्द की सेना

जय हिन्द की सेना

हम तो सहकर चुप रहे, बार-बार के तीर।
जब पानी हद से गया, तब रोका ये नीर।।
आतंकी इस खेल का, सोचा कब अंजाम
बढ़ चली सेना अपनी, सिंदूरी पैग़ाम।।

सूर्यकांत

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