दोस्त तुम्हारा होना जैसे शाम ए अवध का होना है
दोस्त तुम्हारा होना जैसे शाम ए अवध का होना है
दोस्त तुम्हारा खोना जैसे सुबह ए बनारस खोना है
दोस्त तुम्हारा होना जैसे शाम ए अवध का होना है
दोस्त तुम्हारा खोना जैसे सुबह ए बनारस खोना है