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6 May 2025 · 1 min read

"जातिगत गणना"

“जातिगत गणना”

नाचो-गाओ,खुशी मनाना;
निज संख्या, खूब बढ़ाना;
आरक्षण का, इनाम पाना;
‘जाति’ गिने जाने वाली है।
बिन मेहनत नौकरी पाना,
अल्पज्ञ भी, खूब इतराना;
मूर्खता का, लुत्फ़ उठाना;
‘जाति’ गिने जाने वाली है।
खुद को, धनहीन बताना;
सगे-संबंधी जल्द बुलाना,
तीन जन को तेरह बताना,
‘जाति’, गिने जाने वाली है।
कल्पित सूचना लिखवाना,
मन से मंद-मंद मुस्कुराना,
खुद को,ऊंच-नीच बताना;
‘जाति’, गिने जाने वाली है।
निज एकता, खुब लुटाना;
आपसी घृणा, को बढ़ाना;
सब ही ईर्ष्या द्वेष फैलाना;
‘जाति’,गिने जाने वाली है।
मैं भी चाहूं ये बात बताना,
सही आंकड़ा सामने लाना,
न गाना, संवैधानिक गाना,
संख्या को अल्प न बताना,
जन-हित, में ये देश बचाना;
अल्प पे बहुत मत लुटाना,
देश से अल्प’ शब्द हटाना;
‘बहु’ शब्द लगाना, जब ये;
‘जाति’,गिने जाने वाली है।
जब ये,,,
जाति’,गिने जाने वाली है।
_____________________
….✍️ pk

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