ताप
आज चाँद तारों से मुलाकात हो गयी
मुलाकात के साथ साथ बात हो गयी
अकड़ उसकी जस की तस है अभी भी
समझ लो अब उसकी शामत हो गयी
रंग चाँद का अब तो केसरिया हो जाय
मई का महीना भी अब केसरिया हो जाय
बहुत हो चुका इंतज़ार अब नही होता
मिला दो कुछ ऐसा कि हरा केसरिया हो जाय