Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
3 May 2025 · 1 min read

मुहब्बत कुल जहाँ को , जोड़ती है ,

मुहब्बत कुल जहाँ को , जोड़ती है ,
ये नफ़रत बस , दिलों को तोड़ती है,
अजी समझें, हक़ीक़त आप भी सब ,
हवा का ‘नील’, जब रुख़ मोड़ती है।
✍️नील रूहानी

Loading...