अब एक ही
अब एक ही
तो शख़्स है जो बचा है मुझ में
बहुत शोख है
मुझ से मुझ को कर के जुदा
ख़ुद छुपा है मुझ में….
हिमांशु Kulshrestha
अब एक ही
तो शख़्स है जो बचा है मुझ में
बहुत शोख है
मुझ से मुझ को कर के जुदा
ख़ुद छुपा है मुझ में….
हिमांशु Kulshrestha