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3 May 2025 · 1 min read

अटल था वो

(अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित गीत)

अटल था वो, अडिग था वो, भारत माँ का बेटा था,
हर शब्द में शक्ति थी, हर निर्णय में डेटा था।
कविता उसकी साँस थी, विचारों की पहचान,
नेता नहीं, युगद्रष्टा था, जन-जन का सम्मान।

संसद में जो बोले वो, इतिहास बन जाया करते,
विपक्ष भी नमन करे, ऐसे विचार आया करते।
सादगी में गंभीरता थी, भाषण में ओज की धार,
दिलों को जीतने वाला था, कोई आम नहीं, अपार।

परमाणु की ताक़त दी, पर शांति का पाठ पढ़ाया,
सड़कें जोड़े गाँव-गाँव, ऐसा सपना दिखलाया।
‘जय जवान, जय किसान’, उसके स्वर में बसी,
‘भारत उदय’ की नींव रखी, आत्मा से जुड़ी थी रज़ी।

अटल जले जब दीप से, अंधेरे भाग चले,
उसके जैसे नेता अब, युगों में एक पले।
आज भी गूंजता है मन में, उसका बोला हर शब्द,
वो चला गया, पर जीवित है, उसके कर्मों का अर्थ।

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