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3 May 2025 · 1 min read

इश्क़-मोहब्बत मैं क्या जानूँ ?

इश्क़-मोहब्बत मैं क्या जानूँ ?
मैं तो सिर्फ़ आराधक हूँ..!!
ईष्ट मैं तेरे दर पर आया,
तेरा ही उपासक हूँ..!!

मेरी प्रीत न जाने कोई
शब्दों के जंजाल से..!!
सभी फँसे पड़े बस,
प्रेमी माया जाल से..!!

शुभम आनंद मनमीत

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