"मुफ़लिसी ने छीन ली चेहरे की सारी रौनकें,
“मुफ़लिसी ने छीन ली चेहरे की सारी रौनकें,
आईना भी अब मुझे पहचानने से डरता है।
👑 Kaviraaj-e-Hind✍️✍️
“मुफ़लिसी ने छीन ली चेहरे की सारी रौनकें,
आईना भी अब मुझे पहचानने से डरता है।
👑 Kaviraaj-e-Hind✍️✍️