मत गिनाओ कमियाँ बुजर्गो की
मत गिनाओ कमियाँ बुजर्गो की,
एक दिन तुम्हारे मे भी ये आयेगी।
मत गुबान करो अपनी जवानी का,
एक दिन ये भी बुढ़ापे मे बदल जाएगी।
दिखाई नहीं देगा जब आँखों से,
आँखों पर तुम्हारे चश्मा चढ़ जायेगा।
सुनाई नहीं देगा जब तुम्हारे कानो से,
उनपर सुनने की मशीन लग जायेगी,
तब अपनी कमियाँ तुम्हें नज़र आयेगी,
मत गिनाओ कमियां बुजर्गो की
एक दिन तुम्हारे मे भी ये नज़र आयेगी।।