खूबसूरत फज़ाओं में जब से
खूबसूरत फज़ाओं में जब से
ग़र्द ए दहशत ने पाँव रखे हैं
वादियों के हसीन मंज़र को
देखने लोग अब नहीं जाते
खूबसूरत फज़ाओं में जब से
ग़र्द ए दहशत ने पाँव रखे हैं
वादियों के हसीन मंज़र को
देखने लोग अब नहीं जाते