कर दो काम तमाम
हम सब तेरे साथ हैं,भारत की सरकार।
खत्म करो इस देश से,दहशत अत्याचार।।
करो लड़ाई पाक से,फूँक करो सब धूल।
हमसे लड़ने की कभी, नहीं करे फिर भूल।।
सेना लड़ने के लिए,बैठी है तैयार।
घुसकर सीमा पाक में,देगी शत्रु संहार।।
करो लड़ाई पाक से,जो भी हो परिणाम।
छोड़ मिशाइल पाक का,कर दो काम तमाम।।
पहन शेर की खाल को, खुद को समझें शेर।
कुत्ते की औलाद हैं,मार लगा दो ढेर।।
समझौते कानून से, नहीं बनेगी बात।
ढीठ समझता है महज,केवल घूँसा लात।।
इसकी सेना ने सदा, छेड़ी पहले जंग।
बाद हमारे सैन ने,किए काट तन भंग।।
पुनः धूर्त इस पाक ने,किया देश पर वार।
पहलगाम में है किया,भारी अत्याचार।।
याद दिलानी है हमें, पुनः इसको औकात।
धूर्त कभी न मानते, बगैर खाए लात।।
जनता भारत की करें,अब बस यही पुकार।
आतंकी इस देश का,पल में हो संहार।।
स्वरचित रचना-राम जी तिवारी”राम”
उन्नाव (उत्तर प्रदेश)