" मजदूर "
” मजदूर ”
सिन्धु हड़प्पा मोहनजोदड़ो
हर सभ्यता में रहे हो मौजूद तुम
लेकिन इसकी खुदाई में
कहीं नहीं मिले तुम्हारे अवशेष,
जरा सोचो
ये दस्तूर है ना कि विद्वेष।
” मजदूर ”
सिन्धु हड़प्पा मोहनजोदड़ो
हर सभ्यता में रहे हो मौजूद तुम
लेकिन इसकी खुदाई में
कहीं नहीं मिले तुम्हारे अवशेष,
जरा सोचो
ये दस्तूर है ना कि विद्वेष।