अधूरे ख्वाब
मै जीना चाहती हूं उसके साथ
एक लम्बे समय तक…
महसूस करना चाहती हूं
हर वो एहसास
जो है उसके दिल में मेरे लिए…
मिटाना चाहती हूं
ये दूरियां..
जो है….
हमारी दरमियां..
महसूस करना चाहती हूं
उसकी सरकती उंगलियों को
खुद की पीठ पर …..
कैद होना चाहती हूं
उसकी सख्त मजबूत बाहों में
पूरी रात…..
सिमटना चाहती हूं उसमें
और भर लेना चाहती हूं उसे
अपने आगोश में . ……
करना चाहती हूं अठखेलियां
बिखरना चाहती हूं उसके लिए
ताकि समेट ले वो मुझे ……
मैं बनना चाहती हूं
पूरी उसकी
हर एक जन्म में
जन्मों जन्म तक के लिए ।।।।