20) वसुधा कुटुंब जो सिखलाता, वह हिंदू धर्म हमारा है (राधेश्यामी
वसुधा कुटुंब जो सिखलाता, वह हिंदू धर्म हमारा है (राधेश्यामी छंद)
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1)
वसुधा कुटुंब जो सिखलाता, वह हिंदू धर्म हमारा है।
रहती सब में आत्मा समान, जन-जन दुनिया का प्यारा है।।
2)
मानव-मानव में भेद नहीं, गीता-रामायण गाते हैं।
सब आदर्शों का केंद्र बिंदु, हम हिंदुस्तान बताते हैं।।
3)
हिंदुत्व हमारा जीवन है, हिंदुत्व हमारी अभिलाषा।
समरस समाज का लक्ष्य लिए, हिंदू है व्यापक परिभाषा।।
4)
हिंदू का मतलब ज्ञान-राशि, वह जो भारत से पाई है।
हिंदू का अर्थ चेतना वह, जो ऋषि-मुनियों से आई है।।
5)
भारत के ही उपनिषद-वेद, भारत का मतलब गंगा है।
भारत का मतलब भगवा ध्वज, भारत का अर्थ तिरंगा है।।
6)
भारत के पर्वत पेड़ नदी, भारत की हर ऋतु प्यारी है।
भारत के उत्सव आलौकिक, इनकी छवि अद्भुत न्यारी है।।
7)
पेड़ों के नीचे निराकार, प्रभु को हमने ही पाया है।
वह अविनाशी आनंद रूप, कण-कण में दिखा समाया है।।
8)
हम ही देवों के दर्शन भी, साकार रूप में पाते हैं।
हम राम कृष्ण हनुमान भरत, लक्ष्मण की गाथा गाते हैं।।
9)
यह धर्म हमारा हिंदू है, यह हिंदुस्तान हमारा है।
इस धरती की पावन रज से, पाता सदैव उजियारा है।।
10
यह हिंदू धर्म हमेशा से, जग को पथ दिखलाता आया।
जब दुनिया पढ़ना सीख रही, इसने रहस्य हर सुलझाया।।
11)
यह चार वेद के खंभों पर, सभ्यता सनातन कहलाई।
सौभाग्य हमारा हिंदू हैं, काया हमने हिंदू पाई।।
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रचयिता: रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा (निकट मिस्टन गंज), रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 9997615451