इंतजार है अब किसका
(शेर)- हो जाये युद्ध आर-पार का, आतंकवाद खत्म करने के लिए।
आतंकवादियों से हिंदुस्तान को, मुक्त सदा करने के लिए।।
ऐसी सजा दो आतंकवादियों को, कांप जिससे उनकी रूह।
दे दो छूट अब सेना को, आतंकवादियों को नष्ट करने के लिए।।
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इंतजार है अब किसका, हाँ, ऐसा करने में।
आतंकवाद को भारत में, जड़ से नष्ट करने में।।
इंतजार है अब किसका———————।।
फ़ौलादी है अपनी सेना, नहीं रोको उसको ऐसे समय।
नहीं करो सेना को तुम हताश, राजनीति से ऐसे समय।।
अब चाहिए किसका आदेश, हाँ, ऐसा करने में।
आतंकवादियों को निपटाने में, आदेश सेना को देने में।।
इंतजार है अब किसका———————-।।
हिन्दू-मुस्लिम करके इस वक्त, फूट देश में डालो नहीं।
नहीं आतंकवाद कोई धर्म, तुम धर्म देखकर मारो नहीं।।
क्यों अब रहे हो नाकाम, हाँ, ऐसा करने में।
आतंकवादियों की घुसपैठ, बन्द देश में करने में।।
इंतजार है अब किसका———————-।।
इन आतंकवादी हमलों में, कब तक मरेंगे लोग यहाँ।
कितना बहेगा लहू इसमें, कितने घर होंगे बर्बाद यहाँ।।
लगता है डर अब भी किसका, हाँ, ऐसा करने में।
आतंकवादियों को पकड़कर, फाँसी पर लटकाने में।।
इंतजार है अब किसका———————-।।
शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ़ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)