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30 Apr 2025 · 1 min read

*यह अमरनाथ यह पहलगाम, यह भगवा केसर क्यारी है (

यह अमरनाथ यह पहलगाम, यह भगवा केसर क्यारी है (मुक्तक)
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यह अमरनाथ यह पहलगाम, यह भगवा केसर क्यारी है
कश्यप ऋषि की पावन धरती, घाटी-कश्मीर हमारी है
कहना सीखो वंदे भारत, रट लो गायत्री मंत्र वेद
हाथों में थाम तिरंगे को, अब बढ़ने की तैयारी है
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रचयिता: रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा (निकट मिस्टन गंज), रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 9997615451

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