मंगलमय हो अक्षय तृतीया, मंगल सबका हो जाए
मंगलमय हो अक्षय तृतीया, मंगल सबका हो जाए
सदवृतियां चहुंओर बढ़ें,सकल अमंगल मिट जाए
पुण्य कर्म प्रकटें इस जग में, प्रेम की वगिया खिल जाए
सुख शांति और अमन, सारी धरती पर आ जाए
मानवता की ज्योति जले, भेदभाव सब मिट जाए
अन्याय आतंक मिटें,प़ीत परस्पर जग जाए
अक्षय हो ये धरा धाम, प्रेम गीत जन मन गाए
शुभकामनाएं सहित
सुरेश कुमार चतुर्वेदी