"संघर्ष जारी है"
साथ में तेरे कोई नहीं दीप जलाने वाला सच्चा साथी है।
चलना है तुझको अकेला जीवन के पथ में यहीं रीत पुरानी है।।
रास्ते सामने कई मगर है सही रहा तुझे जीवन में अपनानी है।
हर डगर बहुत सोच समझ कर और जिमेदारी से उठानी है।।
हताशा,नाकामी यह तो बस थोड़े दिनों की ही मेहमान नवाजी है।
हौसला है तो जिंदगी तारों भरी इठलाती एक बेहतरीन अद्भुत कहानी है।।
हार जाए वह दो घड़ी का मुसाफिर जमाने पर बोझ भारी है।
हाथ बढ़ाना है वहीं पर जहां उम्मीद की मशाल जगमगानी है।।
संघर्ष जीवन को और सफल बनाने की सक्षम चाबी है।
मिल जाए आसानी से वो क्या जाने कुंदन की तपन कितनी सुहानी है।।
संघर्ष अभी जारी है देनी अभी कई परीक्षाएं तुझे जीवन में बहुत सारी है।
पर नाकामी को तुझे अपनी सफलता की सीढ़ी में बदलने की ठाननी है।।
मधु गुप्ता “अपराजिता”