हम सभी ऐसा लिखें
(शेर)- कर चुके हैं हजारों परिवार बर्बाद, आतंकवादी हमले हिंदुस्तान में।
कब तक होते रहेंगे इस तरहां ये, आतंकवादी हमलें हिंदुस्तान में।।
और अब कितना बहेगा खून ऐसे, आंतकवादी हमलों में हिंदुस्तान में।
अब तो करें कुछ ऐसा उपाय, बन्द हो आतंकवादी हमलें हिंदुस्तान में।।
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मैं भी लिखूं , तुम भी लिखो, हम सभी ऐसा लिखें।
इस तरहां आतंकवादी हमलें, देश में फिर ना दिखें।।
मैं भी लिखूं , तुम भी लिखो——————–।।
मारे जाते हैं कितने लोग, इन आतंकवादी हमलों में।
होते हैं शामिल कौन लोग, इन आतंकवादी हमलों में।।
बढ़ाये हाथ उनकी मदद में, इन हमलों में जो शहीद हुए।
हम जाति-धर्म को छोड़कर, कौमी एकता के गीत लिखें।।
मैं भी लिखूं , तुम भी लिखो——————-।।
हो गये कितने बच्चें अनाथ, आतंकवादी हमलों में भारत में।
कितनी नारियों के मिट गये सुहाग, ऐसे हमलों में भारत में।।
और कितना बहेगा खून लोगों का, ऐसे हमलों में भारत का।
ये बन्द हो आतंकवादी हमलें, हम ऐसी दुहा शब्दों में लिखें।।
मैं भी लिखूं , तुम भी लिखो——————–।।
नहीं फैलाये नफ़रत जाति- धर्म की, ऐसे हमलों के वक़्त हम।
छोड़कर राजनीति और दुश्मनी, दिखाये एकता ऐसे वक़्त हम।।
नहीं हो वतन में दंगे- फसाद, नहीं भूले हम सब है भारतवासी।
रहे सलामत ऐसे वक्त हम, भारतीय एकता जिंदाबाद लिखें।।
मैं भी लिखूं , तुम भी लिखो————————।।
शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ़ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)