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29 Apr 2025 · 1 min read

जादू से जावेद

क्या आपको कभी,
अहसास हुआ है,
कि आपके साथ,
कुछ गलत हुआ था,
गलत हो रहा है,
या गलत होने का अंदेशा है,
गर हां .. तो आप,
उस गलत होने के वजह को,
क्यों नहीं खोजते,
……
जादू है – मात्र मनोरंजक,
आपकी असल जिंदगी में …
ऐसा हो रहा हो,,
फिर भी आप ताली बजाते हुए,
जश्न मना रहे हैं,,
……
आप गिरोगे ही,
क्योंकि आपने उसी टहनी,
को काटने का दुस्साहस किया है,
जिस पर आप बैठे हो,
……..
आप सहमे हुए हैं,
आपके अंदर खौफ मौजूद है,
आपके अंदर भय मौजूदा है,
उसे कोई और नहीं,
तुम्हें स्वयं ही निकालना होगा.
…….
तुम्हें खुद जानना है,
पहचान कर पाये तो,
तुम निर्भय हुए,
अब तुम्हें कोई डरा नहीं सकता,
………
भौतिक जगत है,
जिसे सृष्टि कहते हैं,
इसका अस्तित्व,
बनते और समाप्त होते रहता है,
…….
यहां मनुष्य द्वारा निर्मित,
लिखित, मौखिक किवदंती मिलेगी,
आपके किस काम आ सकती है,
आपको खुद सोचना और समझना है,
…….
आप उलझन में पड़ जाते हैं,
या बाहर निकल पाते हैं,
यह आपकी अपनी चेष्टा रहेगी,
जीवन का सफर भी,
यही तय करेगा … कि ..
आप असल में हैं
काल्पनिक नहीं हैं ..।।।

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