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29 Apr 2025 · 1 min read

अगली बार हरकत करने से पहले हज़ार बार सोचेगा दुश्मन। फ़िलहाल,

अगली बार हरकत करने से पहले हज़ार बार सोचेगा दुश्मन। फ़िलहाल, हम भी सौ पचास बार सोच लें कि आख़िर करना क्या है? मीटिंग और मुनादी के अलावा।।
😞प्रणय प्रभात😞

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