*चाय में चीनी मिली है, और अब क्या चाहिए (हिंदी गजल)*
चाय में चीनी मिली है, और अब क्या चाहिए (हिंदी गजल)
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1)
चाय में चीनी मिली है, और अब क्या चाहिए
धूप जाड़ों में खिली है, और अब क्या चाहिए
2)
रोटी मिले दो वक्त की, चैन चारों ओर हो
चाह यह सब की दिली है, और अब क्या चाहिए
3)
बाग में काफी समय से, रूप मधुमय छा रहा
फूल यह देखो लिली है, और अब क्या चाहिए
4)
शत्रु ने हमला किया था, हो गया बर्बाद है
आज हालत पिलपिली है, और अब क्या चाहिए
5)
युद्ध की संभावना से, शत्रु कॉंपा इस तरह
सल्तनत उसकी हिली है, और अब क्या चाहिए
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रचयिता: रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा (निकट मिस्टन गंज), रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 9997615451