जातिवाद को मनमें रखकर, लोग करे व्यवहार।
जातिवाद को मनमें रखकर, लोग करे व्यवहार।
मनोवृत्ति यह कुंठित लेकर, खोजें निज उद्धार।।
जोगीरा सा रा रा जोगीरा सा रा रा
खोजें निज उद्धार जगत में, खाक किये बिन चाह।
होता भी संभव यह कैसे, जब मन तन परवाह।।
जोगीरा सा रा रा जोगीरा सा रा रा
जब मन तन परवाह रखाते, आलस बसते गेह।
समय गवाँ कर नैना बरसें, जैसे बरसें मेह।।
जोगीरा सा रा रा जोगीरा सा रा रा
संजय निराला
#होली_विशेषांक