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31 Oct 2024 · 1 min read

मनहरण घनाक्षरी

मनहरण घनाक्षरी

दीप पर्व का त्योहार ,लाता खुशियाँ अपार,
स्वच्छता से करो प्यार, निरोगिता चाहिए ।
सफाई का अभियान ,दिवाली की पहचान ,
लक्ष्मी जी का गुणगान ,दीप भी जलाइए ।
दीप फैलाते प्रकाश ,अंधकार होता नाश ,
ज्ञान दीप से विकास, स्वाध्याय अपनाइए ।
ऋषि प्रणीत संस्कार ,सिखाते हमें त्योहार ,
प्रेम भाव व्यवहार ,संस्कृति पर्व जानिए ।

राजेश कौरव सुमित्र

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