"दौर गर्दिश का"
“दौर गर्दिश का”
न आता दौर गर्दिश का
तो ये अफसाने कहाँ जाते,
दुश्मन चेहरे थे नकाबों में
वो पहचाने कहाँ जाते।
“दौर गर्दिश का”
न आता दौर गर्दिश का
तो ये अफसाने कहाँ जाते,
दुश्मन चेहरे थे नकाबों में
वो पहचाने कहाँ जाते।