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28 May 2024 · 1 min read

मेरी सूरत हो

तुम इस कदर मेरे ख्यालों में हो
मेरे दिन और मेरी रातों में हो
कि जैसे तुम इक नदिया हो
मेरे पल पल में तुम बहती हो
तुम इस कदर मेरी धड़कन में हो
मेरी सांसों मेरे तन मन में हो
कि तुम बिन जीवन कटता नहीं
इक लम्हा भी अब कटता नहीं
तुम इस कदर मेरी जरूरत हो
मेरा ईश्वर मेरी सूरत हो |

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