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27 May 2024 · 1 min read

तमन्ना है बस तुझको देखूॅं

1)हसीं ज़िन्दगानी रही है
सदा गुनगुनाती रही है

2)तमन्ना है बस तुझको देखूं
नज़र कबसे प्यासी रही है

3)कसक है जुदाई की दिल में
तेरे बिन उदासी रही है

4)तुम्हारी हूं बस मैं तुम्हारी
मेरी जां ये कहती रही है

5)मैं खोई हूं सपनों में तेरे
मेरी ये कहानी रही है

6)तेरी क़ैद में गर रहूं मैं
इसी में रिहाई रही है

7)ज़ुबां मंतशा तेरी जादू
ग़ज़ल ख़ूब कहती रही है

🌹मोनिका मंतशा🌹

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