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27 May 2024 · 1 min read

मुश्किल है अपना मेल प्रिय।

मुश्किल है अपना मेल प्रिय।

तुम व्हाट्सएप पर लगी रहो,
मैं एफबी पर ही रहता हूं,
तुम स्टेटस में उलझी हो,
मैं लाइक्स गिनता रहता हूं,
जीवन भर चलने वाला है,
यह अपना ऐसा खेल प्रिय,
मुश्किल है अपना मेल प्रिय।

तुम ब्यूटी टिप्स में मग्न रहो,
मैं राजनीति में परेशान,
यू ट्यूब की कोई कमी नहीं,
चलता रहता नेट जियो महान,
दोनों इक दूजे से कहते,
मोबाइल है या जेल प्रिय,
मुश्किल है अपना मेल प्रिय।

हमें अपने अपने पास वर्ड्स,
परिणय वचनों से प्यारे हैं,
अपने जीवन के प्रीत सरित,
इनके कारण भी खारे हैं,
दोनों ही उलझे रहते हैं,
नेट का यह कैसा खेल प्रिय,
मुश्किल है अपना मेल प्रिय।
Kumar kalhans

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