Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
26 May 2024 · 1 min read

"इंसान और सपना"

“इंसान और सपना”
चाहे इंसान कोई भी हों
वो हाड़-मांस का
एक पुतला ही तो है,
और सपने?
सपने तो बस सपने हैं
उसे तो देखने का
पूरा-पूरा हक है सबको।

Loading...