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26 May 2024 · 1 min read

प्रेम की धाराएँ

किसी ऐसे मोड़ पर
जब हम सोचे ना हों
बावजूद
किसी खास शख्स से
मुलाकात हो जाना
महज कोई संयोग नहीं
वरन् कोई बात है
उससे आगे की।

वक्त की राख के ढेर में
लम्हों से दबी हुई
हसरतों की चिंगारियों का
फिर से
शोला बन जाना
महज कोई संयोग नहीं
वरन् कोई इतिहास है
निकट भविष्य की।

और वो
इस बात का गवाह है
कि विलुप्त नहीं हो सकती
कभी प्रेम की धाराएँ।

डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति
साहित्य वाचस्पति
श्रेष्ठ लेखक के रूप में
विश्व रिकॉर्ड में दर्ज
हरफनमौला साहित्य लेखक।

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