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25 May 2024 · 1 min read

केवट राम प्रसंग

केवट राम प्रसंग

राम सीता बैठे नाव केवट है खिवैया |
उतराई तुमसे रघुवर नहीं लेंगे भैया ||टेक||

वनवास को निकले जब राम रधुराई |
साथ मे चले है लक्षण और सीता माई ||
विदा करते नगरवासी लेते है बलैया |||1||

मंदाकिनी तट पर श्रीराम जी पधारे |
नाव लावो केवट भैया रामजी पुकारे ||
कैसे बिठांऊ प्रभु मेरी काठ की है नैया ||2||

चरण पखारे केवट कठौता भर पानी |
मरम तुम्हारे रघुवर हमने सब जानी |
छुवत शीला भई ऋषि पत्नि अहिल्या ||3||

तुमको प्रभु मै नदियाँ पार लगाउंगा |
मेरी जीवन नैया तुमसे पार कराउंगा ||
जीवन सफल होगा बोले नाव खिवैया ||4||

डॉ पी सी बिसेन बालाघाट

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