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24 May 2024 · 1 min read

अंजान बनकर चल दिए

हम देखते रहे एक नजर अंजान बनकर चल दिए
उनको नही कोई फिक्र बेजान करके चल दिए

कभी मैं उनके साथ था कभी वो हमारे साथ थे
बड़े खुशनुमा थे पल वो जब खुशनुमा हालात थे
क्यों बदल गई उनकी नजर तुफान बनकर चल दिए

साथ जीने मरने की खाते रहे हम कसम दोनों
क्या हुआ अचानक हाय रे हो गई कसमें दफन
क्यों बदल गई उनकी नजर मेहमान बनकर चल दिए

उनको मिले ने पंख हैं मैं डूबता कोई जहाज हूँ
ऐसा न था पहले कभी जिस तरह से मैं आज हूँ
क्यों बदल गई उनकी नजर इम्तिहान बनकर चल दिए

“V9द” अब ये जिंदगी गुलशन नही है खार है
ना सुकून है इसमें कहीं ना बयार है ना बहार है
क्यों बदल गई उनकी नजर बियाबान बनकर चल दिए

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