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23 May 2024 · 1 min read

छुट भैया नेता

छुट भैया नेता कुछ ऐसे पल मे रंग बदलते हैं |
राष्ट्र हितैषी जन उनकी आखों में खलते है ||टेक||

साठ साल देश चलाये गरीबी को बढ़ाई है |
लालीपॉप दे गरीब को कहे गरीबी से लड़ाई है||
चिंता नहीं देश की निज स्वार्थ पर चलते हैं ||1||

गरीबों का हक मार विदेशों में धन रख आये |
सच्चे देश भक्त है हम ऐसी झूठी कसमे खाये ||
राम बताये काल्पनिक सेक्युलर कहलाते हैं ||2||

भुखे रहे देश के बच्चे पडोसी की चिंता भारी |
विदेशी एजेंट है ये उसकी हैं यह खुमारी ||
भ्रष्टाचारी पकड़े जाते यही सोच घबराते है ||3||

डॉ पी सी बिसेन .अनजान.
अवधपुरी पवार ले आउट
मोती नगर बालाघाट.म.प्र.
20/05/2024

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