Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
21 May 2024 · 1 min read

जुनूनी दिल

यारो हम तो आज भी
अपने हुनर में द़म रखते हैं,
उड़ जाते हैं रंग लोगों के जब,
हम महफिल में कदम रखते हैं।
हौसले अपनी जेब में रखकर,
सफर तय करता हूं,
इम्तिहान कितना भी कठिन हो,
पास कर ही लेता हूं।
जुनून जब बेहिसाब
चढ़ता है रग-रग में।
ये जूनूनी दिल और दिमाग भी,
कहां थकता है।
हद़ की सीमा से परे
उडा़न भरनी है यारो,
गिरूंगा, फिर से उठूंगा,
फिर से गिरूंगा, दौडूंगा,
और फिर न रूकूंगा।

Loading...