Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
11 Jan 2024 · 1 min read

राम से बड़ा राम का नाम

राम राम नाम रटते रहो, हो जाता बेड़ा पार
राम से बड़ा होता है कलयुग मे राम का नाम

राम नाम रटते रटते तो पत्थर भी तर जाते हैं।
कर्म, धर्म, मर्यादा का, सार राम से ही पाते हैं।

राम माता पिता के वचनों का मान निभाते हैं।
त्याग, समर्पण करना हमें राम ही सीखलाते है।

चरण रज पाके केवट राम की महिमा सुनाते हैं।
उच नीच व जाती भेद राम राम से मिट जाते है।

राम नाम से हो जायेगा यह भव सागर पार
राम राम नाम रटते रटते, ही होगा बेड़ा पार

प्रेम आस मे बैठी माँ शबरी के झूठे बैर खाते हैं।
वन वासी सुग्रीव को राम गले अपने लगाते हैं।

कोदंड धारण राम विनती सागर से कर जाते हैं।
अँसुना हो जाने पर राम बल अपना दिखलाते है।

शरणार्थी हो जाने पर राम रक्षार्थ वचन निभाते हैं।
प्रताड़ित,अपमानित को सम्मान फिर से दिलाते हैं।

राम नाम रटते रटते तो पत्थर भी तर जाते हैं।
राम नाम रटते रटते सागर में राह बनाते हैं।

राम से बड़ा होता है कलयुग मे राम का नाम
राम नाम से हो जायेगा यह भव सागर पार

लीलाधर चौबिसा (अनिल)
चित्तौड़गढ़ 9829246588

Loading...