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4 Jan 2024 · 1 min read

जो धधक रहे हैं ,दिन - रात मेहनत की आग में

जो धधक रहे हैं ,दिन – रात मेहनत की आग में
एक दिन जरूर आएगा बहार उनके भी बाग़ में
अभी सबको कड़वा लग रहा है,मेरा हर लफ्ज़
किसी दिन आ जायेगा मिठास मेरे भी राग में
क्यूं घबराया जाए जीवन में असफलताओं से
समय आने पर मिल जाएगा जो है मेरे भाग में

– केशव

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