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3 Jan 2024 · 1 min read

भूखे रिश्ते

इन बुझे हुए रिश्तों में आग अब भी बाकी है
प्यार की चिंगारी जरा भड़का के देखिए

दिल है माना बच्चे सा करता मनमानी है
ना हो परेशान जरा उसे बहला के देखिए

वक्त है हिज्र का कहां देखिए जानिब
उम्र को अपनी जरा समझा के देखिए

बनते बनते बन ही जाएगा आखिर
एक पल को किस्से सा जरा बना के देखिए

माना बहुत मुश्किल है राह यार की
कदम से कदम जरा मिला कर देखिए

यूं तो फिरते है वो आवारा पहरों
उनको भी जरा दहलीज में ला के देखिए

झुका के बैठे है सजदे में वो सर अपना
पास जाइए जरा मुखड़ा उठा के देखिए

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