Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
1 Jan 2024 · 1 min read

नव वर्ष तुम्हारा स्वागत।

शीर्षक -नव वर्ष तुम्हारा स्वागत!
———————-
स्वागत!है नव वर्ष तुम्हारा,
आओ हम सभी परोपकार करें।
दीन , दुःखी, असहायों की हम,
सभी मिलकर हम मदद करें ।।

नया जोश और नया उल्लास,
भरकर मानुष के जीवन में।
ऊँच-नीच का भेद मिटाकर,
प्रेम भरें सभी के हृदय में।।

जीवन में करना तुम नेक कर्म,
आगे बढ़ते जाना तुम पथ में।
भूलकर गिले-शिकवे सब ही,
आशा के दीप जला जीवन में!

नव वर्ष की नव बेला में हम,
नव वर्ष सभी मंगलमय मनाएँ ।
प्रेम के दीपक जलाकर सब हम,
आओ नव वर्ष में नव स्वप्न सजाएँ!

नव प्रभात की नई रश्मियांँ,
आई हैं सपनों को सजाने।
नव वर्ष में आई बहार है,
प्रेम से सबको गले लगाने ।।

दस्तक दे नव वर्ष आया,
शुभमय हो नव विहान ।
नई ऊर्जा,नए विश्वास, संकल्प,
के संग हम सभी भरें उड़ान!

हम करतें हैं सभी एक प्रण,
ईर्ष्या, द्वेष भाव का त्याग करें।
नव वर्ष की पावन बेला में हम,
सच्चाई को पथ में अग्रसर करें!

आओ हम सब नव स्वप्न सजाएँ,
बाधाएँ जो आतीं उनसे नहीं हारेंगे।
छूकर आसमांँ को सपने पूरे करके,
खुशियों का मिलकर जश्न मनायेंगे!!

नव वर्ष की सभी को अशेष बधाई
और ढेरों शुभकामनाएंँ । ईश्वर से
कामना करती हूंँ की सभी का जीवन
खुशियों से भरा एवं मंगलमय हो!

सुषमा सिंह*उर्मि,,
कानपुर

Loading...