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30 Dec 2023 · 1 min read

मैं हूँ के मैं अब खुद अपने ही दस्तरस में नहीं हूँ

मैं हूँ के मैं अब खुद अपने ही दस्तरस में नहीं हूँ
ये उस शख्स का जादू है के मै किसी के बस में नहीं हूँ

‘अशांत’ शेखर
30/12/2023

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