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30 Dec 2023 · 1 min read

प्रेम और पुष्प, होता है सो होता है, जिस तरह पुष्प को जहां भी

प्रेम और पुष्प, होता है सो होता है, जिस तरह पुष्प को जहां भी हो वहीं सुशोभित होता है, कुछ ऐसा ही हाल प्रेम का भी है। न चाह न अभिलाषा, बस उपस्थिति ही सबकुछ।

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