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29 Dec 2023 · 1 min read

रफ़्तार

तेज़ रफ़्तार होती है
रेलगाड़ी…
हवाई जहाज़
सूर्य प्रकाश आदि आदि
परन्तु
मनुज मस्तिष्क नहीं
होती इतनी रफ़्तार!
आइंस्टीन जैसे बनने लिए भी
रफ़्तार नहीं
अपितु चाहिए शनै-शनै
प्रयासरत
संयम-धैर्य-अनुशासन
के साथ
होने को दीप्ती
प्रकाष्ठा को पार!

Varun Singh Gautam

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