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27 Dec 2023 · 1 min read

#प्रियवर खोये हो कहाँ

★ #प्रियवर खोये हो कहाँ ★

चाँद सितारों वाली रात
मेरे तरुवर पारिजात
प्रेमामृत से हृदय भरा
सूना बांहों का आकाश

ठगती स्मृतिअवलियाँ
प्रियवर खोये हो कहाँ
प्रियवर खोये हो कहाँ . . .

बगिया में फूलों कलियों बीच
विधना बैठी अंखियाँ मीच
भूलचूक अपावन की
मची है भारी कीच

कांटों संग उलझी तितलियाँ
प्रियवर खोये हो कहाँ
प्रियवर खोये हो कहाँ . . .

न हमको रूठन का अधिकार
नयनन ठिठकी अश्रुधार
तेरे हैं हम तेरे हैं
इक तू ही प्राणाधार

सखी हुईं सांसें सिसकियाँ
प्रियवर खोये हो कहाँ
प्रियवर खोये हो कहाँ . . .

समय के अविरल होते घात
गौराया श्याम सलोना गात
सपने सपने रह चले
मेरी छली गई परभात

क्षुधित तृषित हैं तनगलियाँ
प्रियवर खोये हो कहाँ
प्रियवर खोये हो कहाँ . . .

पहले पहर का धौला रंग
बंसी चुप अवाक् मृदंग
सावन भादों बीत चले
धुआँ धुआँ जगती का ढंग

पिछले पहर जली तलियाँ
प्रियवर खोये हो कहाँ
प्रियवर खोये हो कहाँ . . .

मनमंदिर के दीप अमोल
धुपियारी दुपहरिया मीठे बोल
भेजी है पाती पवन हाथ
प्रियतम नाव रही है डोल

मुंदती बुझती अंखियाँ
प्रियवर खोये हो कहाँ
प्रियवर खोये हो कहाँ . . . !

#वेदप्रकाश लाम्बा
यमुनानगर (हरियाणा)
९४६६०-१७३१२

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