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24 Dec 2023 · 1 min read

मम्मी पापा

मम्मी पापा प्यारे-प्यारे,
हम उनके आंँखों के तारे।
सुख-दुख में वे साथ हमारे,
चीज खिलौने लाते सारे।।

हर बात पर ध्यान देते,
दुख हमारे सब हर लेते।
खेल पढ़ाई में मदद करते,
अच्छाई हेतु प्रेरित करते।।

खुद गीले में सोते हैं,
हमें सुलाते सूखे में।
हमें सब्जी से खिलाते हैं,
खुद दिन काटे रुखे में।।

जिस चीज की जरूरत मुझे,
झट मिल जाती वो घर में।
मम्मी पापा अन्तर्यामी,
सब समझ जाते क्षण भर में।।

सबके मम्मी पापा हों,
बिना इनके कोई न हो।
बुरा भला न इनको बोलो,
एहसास होता है जब ये न हों।।

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