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21 Dec 2023 · 1 min read

ये ज़िंदगी

सांसों के तार पर टिकी हुई है
ये ज़िंदगी ,
कुछ हक़ीकत, कुछ ख्वाबों की बसर है
ये जिंदगी ,
लम़्हा भर वक्त की दहलीज़ पर ठहरी है
ये जिंदगी ,
कुछ फ़ितरत , कुछ हादसों के दोश पर
फ़ना है ये ज़िंदगी।

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