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19 Dec 2023 · 1 min read

जातिवाद की खीर

चूल्हे पर जिनके पके, जातिवाद की खीर ।
बनते हैं साहित्य के, वे भी आज कबीर ।।

चला जाति पर ही सदा, शब्दों की शमशीर।
कहलाते साहित्य के, कुछ जन आज कबीर ।।
रमेश शर्मा.

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