Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
19 Dec 2023 · 1 min read

हे🙏जगदीश्वर आ घरती पर🌹

हे🙏जगदीश्वर आ घरती पर🌹
💐💐💐💐💐💐
पुण्य स्थिरता से बढ़ प्रशासन में
तीब्र पाप बढ़ रहे सकल जहां में
आग सुलग रही प्रजा दिलों में
भीरू बन धर्म रो रहा यहां पर
अपने वतन में ही प्राणी विवश
निज धर्म कर्म प्रतिष्ठा बचाने को
वतन में प्रतिभा का भण्डार पड़ा
पथ नहीं पथ प्रर्दशक मौन हुआ
बंधी जीभ विषम आंखों से देख
दिल प्रलय तूफान लिए खड़ा है
सुशासन स्वरोजगार तन प्रतिक्षा
आस अरमान लगाए जन बैठा है
हे परमेश्वर आ धरती पर रक्षा कर दे
खत्म हो रहे धर्म आस्था विश्वास का🙏
टी.पी. तरुण

Loading...