Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
16 Dec 2023 · 1 min read

अन्तर

बचपन में जब हम
सूती कपड़ा पहनते थे
तब कुछ लोग
टेरीकॉट पहनते थे
बड़ा मन करता था
कि हम भी पहनें
लेकिन पिताजी कहते थे
इतना खर्च
हम कर नहीं सकते।

बड़े होकर हम
जब टेरीकॉट पहनने लगे
तब वे लोग
सूती कपड़े पहनने लगे।

सूती कपड़े महंगे हो गए
हम पहन नहीं सकते,
वजह हम अब
उतने खर्च कर नहीं सकते
सच में
जमाना बहुत बदल गया,
आखिरकार
अन्तर तो रह ही गया।

डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति
साहित्य वाचस्पति
बेस्ट पोएट ऑफ दी ईयर-2023

Loading...