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15 Dec 2023 · 1 min read

2824. *पूर्णिका*

2824. पूर्णिका
🌷 देखो क्या हलचल है🌷
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देखो क्या हलचल है ।
कितना सुंदर पल है ।।
साथ यहाँ रहता मन ।
समस्याओं का हल है ।।
नेकी करते अपना ।
जीवन का संबल है ।।
दुनिया कहती हरदम।
कलकल में ही कल है ।।
जीना मरना खेदू।
प्यारा बहता जल है ।।
………..✍ डॉ .खेदू भारती”सत्येश”
15-12-2023शुक्रवार

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